M. Ali Madhosh Lucknowi

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एम. अली  मदहोश  का  जन्म  लखनऊ  में  ०२ अगस्त  १९७९ को हुआ था उनका बचपन का नाम मोन्टो था . पिता स्वर्गीय  अब्दुल  हक़ संचालक  कृषि प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश  व सचिव  उत्तर प्रदेश कृषक  समाज, प्रसिद्ध समाज सेवक व जनता पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष थे। उन्होंने लखनऊ से सांसद का चुनाव भी  जनता पार्टी के टिकट पर  लड़ा  था।  मदहोश की माता स्वर्गीय नीना उर्फ़ जहाँआरा फ़िल्म अभिनेत्री व समाज सेविका थी।   नानी स्वर्गीय ज़ोहरा बेगम उर्फ़ रीना रंगमंच व फ़िल्मी दुनिया की प्रसिद्ध कलाकार व  समाज सेविका थीं।  

एम. अली मदहोश के पिता ने  मदहोश के जन्म दिन पर उनके नाम से मॉन्टो सर्कस की स्थापना की थी।सर्कस के हाथी  व अन्य जीव  जन्तुओ के संग खेल कूद कर मदहोश की परवरिश हुई।  माता की सुनाई हुई  सैकड़ों  कहानियाँ एक सफ़ल साहित्यकार बनने केलिये मदहोश को प्रेरित करती रहीं।  मात्र आठ वर्ष की अल्पायु में  प्रथम रचना लिखी। मदहोश ने ग़ालिब , ज़ौक़, अकबर  इलाहबादी, महादेवी वर्मा , जयशंकर प्रसाद , मुंशी प्रेमचन्द, इबनेसफी , सुरेंद्र मोहन पाठक,  वेदप्रकाश शर्मा व विश्व के साहित्यकारों आदि को ख़ूब पढ़ा, गीता, कुरान, बाइबल के मौलिक सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया।

 मदहोश ने समाजिक मुद्दों पर जनता को न्याय दिलाने के लिये आमरण अनशन व सैकड़ों धरना प्रदर्शन किये। समाजिक उपेक्षा व भेदभाव को झेलते हुए मदहोश  अधिवक्ता बन गये। हाई कोर्ट लखनऊ में प्रेक्टिस कर रहे हैं। माता की प्रेडना  व  प्रोत्साहन से समाजिक  संस्था  ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी की स्थापना  सन २००२ में की है।  संस्था के अघ्यक्ष पद पर रहते हुए बिना सरकारी सहायता के उल्लेखनीय कार्य कर  रहे हैं। मदहोश रचित व निर्देशित  बारह नाटक मंचित हो चुके हैं। काव्य संकलन  ‘मेरी संवेदनाये ‘ व इक्कीस कहानियों  के संग्रह ‘ गाँधी को मेरा सलाम’ का प्रकाशन हो चुका है। दो नाटक संघ्रह शीघ्र प्रकाशित होने वाले हैं।      

     न्याय कीजिए , न्याय पाइये